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आयुर्वेदिक औषधि भी है मसालों की रानी हल्दी, जानें सेहत और त्वचा के लिए इसके फायदे - Turmeric Haldi Benefits in Hindi

आयुर्वेदिक औषधि भी है मसालों की रानी हल्दी, जानें सेहत और त्वचा के लिए इसके फायदे - Turmeric Haldi Benefits in Hindi

हल्दी को मसालों की रानी कहा जाता है क्योंकि गिने- चुने भारतीय व्यंजन ही इसके बिना बनते हैं। हल्दी को अपने देश में अनेक नाम से जाना जाता है। इसे हिंदी में हल्दी, तेलुगू में पसुपु, तमिल  और मलयालम में मंजिल आैर कन्नड़ में अरिसिना कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम कर्कुमा लॉन्ग है। भारत के अलावा, कई दक्षिण पूर्व एशियाई राज्यों में इसकी पैदावार होती है।


हल्दी- दूध के फायदे - Benefits of Turmeric Milk in Hindi


कैसे करें हल्दी के इस्तेमाल - How to Use Haldi in Hindi


स्किन के लिए बेहतरीन - Amazing benefits of Turmeric for Skin in Hindi


हल्दी भी कर सकती है नुकसान - Side Effects of Turmeric in Hindi


भारतीय राज्यों में हल्दी (Turmeric use in Indian states)


हल्दी वह मसाला है, जिसे भारतीय व्यंजनों में न डाला जाए तो खाना कुछ अधूरा सा लगता है। यह हमारे किचन का एक अहम हिस्सा है, जो संतरी- पीले रंग का होता है आैर जिसकी महक दूर से ही आ जाती है। इसका स्वाद भी अनूठा होता है, जिसमें हल्का कड़वापन और काली मिर्च का जायका होता है। हमारे खाने में पीला रंग हल्दी की वजह से ही आता है लेकिन इससे दाग लगने का खतरा भी रहता है। यदि हाथ या नाखूनों में लग जाए तो इसका रंग तुरंत नहीं जाता।


हल्दी के औषधीय गुण - Medicinal Properties of Haldi in Hindi


हल्दी में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं, जिनकी वजह से हल्दी का प्रयोग दवा की तरह से भी कर लिया जाता है। यह एक बेहतरीन एंटी ऑक्सिडेंट, एंटी- वायरल, एंटी- फंगल, एंटी- म्यूटाजेनिक और एंटी- इंफ्लेमेट्री होता है। इतने सारे आैषधीय गुण हल्दी को इतना खास बना देते हैं कि ज्यादातर लोग भोजन में इसका इस्तेमाल करने के अलावा स्किन पर भी इसका प्रयोग करते हैं। भारत और चीन में इसका प्रयोग हजारों सालों से होता आया है। एक कहानी तो यह भी बताती है कि करीब दस हजार साल पहले जब भगवान राम धरती पर पधारे थे, इसका प्रयोग तब भी किया जाता था। प्राचीन आयुर्वेद में भी इसके इस्तेमाल का जिक्र मिलता है, आैर अब भी इसका प्रयोग लगातार किया जाता है। यही वजह है कि पश्चिमी देशों में भी अब इसका इस्तेमाल काफी होने लगा हैं।


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कैंसर से बचाव (Cancer Survival)


हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर में कैंसर के विकास को रोकता है। करक्यूमिन कैंसर से लड़ता है और कीमोथेरेपी के प्रभाव को भी बढ़ाने में मदद करता है। यदि इसे काली मिर्च के साथ मिला दिया जाए तो इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। कई शोध बताते हैं कि हल्दी में निहित सक्रिय घटक ट्यूमर के खिलाफ रक्षा प्रदान करने वाले आहारों में से एक है।


गठिया में लाभदायक (Beneficial in Arthritis)


हल्दी के एंटी- इंफ्लेमेट्री गुण ऑस्टियो आर्थराइटिस आैर रह्यूमेटॉयड आर्थराइटिस के इलाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें निहित एंटी- ऑक्सिडेंट शरीर के उन मुक्त कणों भी नष्ट कर देता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इस स्थिति से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरह के हल्के दर्द आैर सूजन से राहत पाने के लिए इस मसाले का उपयोग रोजाना करना चाहिए। हालांकि, यह भी समझ लेना चाहिए कि हल्दी किसी भी तरह से दवा का विकल्प नहीं हो सकता।


हृदय के लिए बेहतरीन (Good for Heart)


कोलेस्ट्रॉल का स्तर सही बनाए रखने से हृदय संबंधी कई रोगों को रोका जा सकता है। हल्दी में निहित करक्यूमिन और विटामिन बी 6 कार्डियोवास्कुलर स्वास्थ्य को सही रखता है। विटामिन बी6 होमोसिस्टीन को पैदा होने से रोकता है। यह होमोसिस्टीन सेल कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। यह हृदय रोग का कारण है।


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लीवर का संरक्षण (Liver Conservation)


हल्दी जरूरी एंजाइम्स के निर्माण को बढ़ाती है, जो टॉक्सिन्स को कम करके हमारे लीवर में खून को डीटॉक्सिफाई करती है। ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधार कर हल्दी लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करती है।


अल्ज़ाइमर रोग से सुरक्षा (Protects from Alzheimer)


हल्दी में टरमैरोन भी होता है, जो यौगिक मस्तिष्क की कोशिकाओं को मरम्मत करने में मदद करता है। यह स्ट्रोक और अल्ज़ाइमर जैसे रोग को भी रोकने में मददगार है। करक्यूमिन भी अल्ज़ाइमर रोग में स्मरण की शक्ति को सुधारने में मददगार है। हल्दी मस्तिष्क में प्लाक के गठन को हटाने और ऑक्सीजन के प्रवाह को सुधारने में मदद करता है। इससे अल्ज़ाइमर रोग की गति धीमी हो जाती है।


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डायबिटीज़ में फायदेमंद (Benefitial in Diabetes)


हल्दी में निहित एंटी- इंफ्लेमेट्री और एंटी- ऑक्सिडेंट गुण प्री- डायबिटीज़ वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज़ के आने में देरी कर सकते हैं। यह इंसुलिन स्तर को बनाए रखने में मदद करता है और डायबिटीज़ के इलाज वाली दवाओं के प्रभाव को बढ़ाता है। हालांकि, जरूरी है कि आप दवाइयों के साथ इसे लेने से पहले किसी चिकित्सक से परामर्श कर लें।


पाचन को रखे दुरुस्त (Improves Digestion System)


पाचन की समस्या होने पर जब हल्दी का सेवन कच्चे तौर पर किया जाता है तो इससे पाचन तंत्र सुधरता है। हल्दी के प्रमुख घटक पित्त का उत्पादन करने के लिए पित्ताशय की थैली को उत्तेजित करते हैं, तुरंत पाचन तंत्र को सही करते हैं। इसे सूजन और गैस के लक्षणों को भी कम करने के लिए जाना जाता है।


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चोट- घाव को करे ठीक (Treats Injury)


सालों पहले जब कहीं चोट लग जाती थी तो हमारी दादी- नानी हमें हल्दी का लेप लगाने की सलाह दिया करती थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि हल्दी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आैर एंटी- बैक्टीरियल गुणों वाला मसाला होता है, जो इसे बेहतरीन और प्रभावी डिसइंफेक्टेंट बनाता है। पिसी हुई हल्दी को चोट वाली जगह पर छिड़क दें, चोट जल्दी ठीक हो जाती है।


इम्यूनिटी बूस्टर (Immunity Booster)


हल्दी में लिपोपॉलीसैकराइड होता है, जो एंटी- बैक्टीरियल, एंटी- वायरल और एंटी- फंगल एजेंट होने की वजह से हम इंसानों के इम्यून सिस्टम को प्रोत्साहित करता है। रोजाना एक गिलास दूध में एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर पिएं, आप पाएंगे कि इससे आपको फ्लू लगने का खतरा कम हो गया है।


हल्दी- दूध के फायदे - Benefits of Turmeric Milk in Hindi


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शरीर के बाहरी या अंदरुनी हिस्से में चोट लगने पर हल्दी वाला दूध लाभदायक रहता है। शरीर में दर्द हो तो भी हल्दी वाला दूध रात में सोने से पहले पी लें। सर्दी या जुकाम होने की स्थिति में भी एक गिलास गरम दूध में एक छोटा चम्मच हल्दी मिला कर पीने से फेफड़ों में जमा कफ निकल जाता है आैर व्यक्ति को राहत मिलती है। सांस की तकलीफ वाला व्यक्ति यदि रोजाना हल्दी वाला दूध पिएं तो उसके शरीर में गर्मी का संचार होगा आैर उसे आराम मिलेगा।


पानी के साथ हल्दी  (Turmeric with Water)


सुबह उठने के तुरंत बाद हल्दी वाला गुनगुना पानी पीने से पेट और छाती की जलन कम होती है। जिन्हें सुबह उठते के साथ ही पेट में जलन होती है, उन्हें हल्दी पानी पीने से आराम मिलेगा। जिन्हें एसिडिटी की समस्या रोजाना रहती है, उन लोगों को यह पानी रोजाना पीना चाहिए।


कैसे करें हल्दी के इस्तेमाल - How to Use Haldi in Hindi


भारतीय रसोई के लगभग हर व्यंजन में हल्दी का प्रयोग किया जाता है। चूंकि इसके अनगिनत गुण हैं तो इसे कई डिशेज में डाला जाना चाहिए। यह हमारे स्वास्थ्य को सुचारु रखता है। किसी भी सब्जी में हल्दी को उसकी जरूरत के अनुसार डालें। रोजाना एंटीसेप्टिक और एंटी- बैक्टीरिया का यह डोज सबको मिलना चाहिए। चाहें तो करी, स्मूदी, गरम दूध, सलाद, स्टर फ्राइड डिश, यानी कि अपनी मर्जी से हर व्यंजन में हल्दी को डाला जा सकता है।


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जब भी घर में अपने लिए सूप बनाएं, उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डाल लें। चाहें तो पानी में हल्दी पाउडर के साथ शहद, नींबू और काली मिर्च मिलाकर ड्रिंक बनाकर पिएं। यह काफी फायदेमंद है। देखा जाए तो हल्दी के सप्लीमेंट भी मौजूद हैं लेकिन कच्ची हल्दी सबसे बढ़िया ऑप्शन है।


कैसे रखें हल्दी को (How to Store Haldi)


ताजी और बिना छीली हल्दी को प्लास्टिक और एयर टाइट बैग में रखकर फ्रिज में रखना चाहिए। इस तरह से यह दो- तीन सप्ताह तक ताजी रहेगी। आप चाहें तो इसे काट कर अच्छी तरह से पैक करके फ्रिज में रख सकते हैं। इस तरह से यह लगभग दो महीने तक रह जाएगी, बस ध्यान यह रखना है कि डिब्बा सही तरीके से बंद हो और सूखे नहीं। यदि आप हल्दी पाउडर खरीद रहे हैं तो ध्यान रखें कि यह ऑर्गेनिक हो और इसे एयर टाइट कंटेनर में अच्छी तरह से बंद करके ही रखें।


स्किन के लिए बेहतरीन - Amazing benefits of Turmeric for Skin in Hindi


हल्दी में मौजूद एंटी- बैक्टीरियल गुण कील- मुंहासों के उपचार में मदद करते हैं। तैलीय त्वचा वालों के लिए भी हल्दी के कई गुण लाभदायक है। यही वजह है कि भारतीय शादी - विवाह के मौके पर शादी से पहले एक रस्म निभाई जाती है जिसे हल्दी कहते हैं। इस रस्म में होने वाले दूल्हा और दुल्हन के शरीर पर हल्दी लगाई जाती है, ताकि उसकी त्वचा यानि स्किन निखर जाए।


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हल्दी का फेस पैक (Face Pack of Turmeric)


हल्दी, दूध, आटा और शहद को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और इसे चेहरे पर लगाएं। सूख जाने के बाद धो  लें और त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगाएं।


स्किन के ग्लो के लिए (for Skin glow)


हल्दी पाउडर, ताजी मलाई, गुलाब जल और एसेंशियल ऑयल को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं, सूख जाने के बाद गुनगुने पानी से धो लें। थपथपाकर तौलिये से पोंछ लें।


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चेहरे की रंगत निखारने के लिए (For Fairness)


बेसन, दही, हल्दी पाउडर और पानी को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे भी लगाने के बाद सूख जाने दें। फिर गुनगुने पाने से चेहरा धो लें। इस पैक से चेहरे की रंगत निखरेगी और चेहरा मुलायम भी होगा।


स्किन पर एक्ने हटाने के लिए (For Acne Removal)


हल्दी, शहद और ताजे नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा खिल उठेगा। एक्ने वाली स्किन वाले लोगों को नारियल तेल और हल्दी पाउडर को मिलाकर पैक तैयार कर लेना चाहिए। इस पैक को चेहरे पर लगाने सेे एक्ने धीरे- धीरे कम होता जाएगा।


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फेस की टैनिंग के लिए (For Tanning)


यदि आपका चेहरा टैन हो गया है और टैनिंग दूर करनी है तो हल्दी पाउडर, दही और टमाटर की प्यूरी को मिलाकर उन हिस्सों पर लगाइए, जहां टैनिंग है। इसे कम से कम 20 मिनट तक रहने दीजिए। बाद में गुनगुने पानी से धो डालिए। रोजाना इसका इस्तेमाल टैनिंग को धीरे- धीरे दूर करने में सक्षम है।


डार्क सर्कल्स के लिए (For Dark Circles)


आंखों के नीचे काले घेरे हैं तो उन्हें दूर करने के लिए हल्दी, शहद आैर दही का पैक बना लीजिए। इसे ब्रश की मदद से अपने डार्क सर्कल्स पर लगा लीजिए। कम से कम 15- 20 मिनट के लिए रहने दें, बाद में गुनगुने पानी से धो लें।


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स्किन में कसावट के लिए (For Skin Tightening)


स्किन में कसावट लानी है तो एक अण्डे का सफेद वाला हिस्सा, हल्दी और ऑलिव ऑयल को मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगा लें। करीब 25 मिनट तक लगे रहने दें। बाद में गुनगुने पानी से धो लें।


हल्दी भी कर सकती है नुकसान - Side Effects of Turmeric in Hindi


अमूमन हमें हल्दी का सेवन नियमित मात्रा में करना चाहिए। कहा गया है कि रोजाना एक छोटे चम्मच हल्दी का सेवन हमारे लिए सही है। कुछ भी सीमा से ज्यादा हमारी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसकी अधिकता खराब पेट, जी मिचलाने और डिजीनेस का कारण बन सकता है। हल्दी के सप्लीमेंट्स या कैप्सूल तो बिना चिकित्सकीय परामर्श के लेने ही नहीं लेना चाहिए। बेहतर तो यह होगा कि आप हल्दी का सेवन उसके प्राकृतिक रूप में ही करें।


प्रेगनेंसी में हानिकारक (Harmful in Pregnancy)


प्रेगनेंसी के दौरान अधिक हल्दी का सेवन मासिक धर्म और गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है। इसलिए इस समय हल्दी का सेवन जरूरत भर ही करें। अधिक हल्दी का सेवन किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। अधिक हल्दी के सेवन से चक्कर आने और दस्त की समस्या हो सकती है। अधिक हल्दी के सेवन से शरीर में आयरन का अवशोषण रुक सकता है। इसलिए, आयरन की कमी वाले लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि वे अपने भोजन में अधिक हल्दी का सेवन नहीं करें।

प्रकाशित - मई 15, 2019
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