#डार्क सीक्रेट: जिंदगी के कुछ पल अपनी खुशी के लिए चुराए | POPxo Hindi | POPxo
Home
#डार्क सीक्रेट: जिंदगी के कुछ पल अपनी खुशी के लिए चुराए थे मैंने...

#डार्क सीक्रेट: जिंदगी के कुछ पल अपनी खुशी के लिए चुराए थे मैंने...

हर किसी की जिंदगी का एक डार्क सीक्रेट होता है। सोशल मीडिया साइट कोरा में #darkSecret के तहत कुछ लोगों ने अपनी जिंदगी के ऐसे सीक्रेट्स के बारे में लिखा है, जो समाज के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन यह उनकी जिंदगी का सच है। इसी सीरीज़ में यहां पेश है एक विवाहिता के डार्क सीक्रेट का सच उसी की जुबानी -


मेरी जिंदगी का यह डार्क सीक्रेट है। मैं एक भारतीय विवाहिता हूं। तब मैं तीस साल की थी। मेरे पति कभी मेरी जरूरत को नहीं समझते, न भावनात्मक रूप से और न ही शारीरिक रूप से। हम सेक्स जरूर करते हैं, लेकिन सिर्फ तभी, जब उन्हें इसकी जरूरत महसूस हो। मुझे याद नहीं कि हमने कभी खुलकर किस या प्यार किया हो। हमारे बीच सेक्स सिर्फ पांच मिनट में ही खत्म हो जाता है, यानि न कोई फोरप्ले, न सिड्यूसिंग और न ही कोई रोमांटिक बातें...।


शादी के कुछ सालों के दौरान मैं एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आई जो मुझसे 16 साल बड़ा था। शुरू में हम सिर्फ दोस्त ही थे। मेरे दिमाग में उस वक्त ये था कि इतने बड़े व्यक्ति के साथ दोस्ती काफी सेफ है, क्योंकि मुझे लगता था कि 40 की उम्र पार कर चुके आदमी की सेक्स की इच्छा काफी कम हो चुकी होगी, लेकिन मेरा यह सोचना काफी गलत था।


एक बार जब मेरे पति किसी काम से शहर से बाहर गए हुए थे, हम रात के वक्त मूवी देखने गए। उनके बाहर जाने से पहले मेरी उनसे काफी लड़ाई हो चुकी थी, इसलिए मुझे कहीं बाहर जाने की बहुत जरूरत थी। अपने मन को शांत करने के लिए मुझे मूवी देखना बेस्ट आइडिया लगा। मेरे इस दोस्त ने मुझे कहीं चलने का न्यौता दिया और मुझे भी मूवी के लिए अच्छा साथ मिल गया। इससे पहले हमने कभी भी ऐसी- वैसी बात नहीं की थी, इसलिए मैं बिलकुल निश्चिंत थी। रास्ते भर मैं अपने और अपने पति के झगड़े के बारे में बताती रही और वो शांति से सुनता रहा।


जब हमने पार्किंग एरिया में गाड़ी पार्क की तो वो मुझे देखने लगा और उसने मुझसे पहली बार कहा कि बहुत सुंदर लग रही हो। मेरे पति तो मुझसे ऐसा कभी कहते ही नहीं थे। उसका यह कहना मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं मुस्कुरा दी। मेरे दुखते मन को बहुत ठंडक मिली। उसने बढ़कर मेरा हाथ थाम लिया और मेरी उंगलियों की तारीफ करते हुए मेरे हाथ को किस कर लिया। मुझे दिसंबर के सर्द महीने में भी गर्मी का एहसास होने लगा था। मैंने भी उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की। तब उसने आगे की ओर झुककर मुझे किस कर लिया। मुझे यह किस बहुत ही अच्छा लगा। मुझे मालूम था कि यह गलत है लेकिन इसके बावजूद मैंने भी आगे बढ़कर उसे किस कर लिया। मेरी जिंदगी का यह सबसे पैशनेट और बेस्ट किस था। हम लगातार काफी देर तक यूं ही किस करते रहे। मैंने ईमानदारी से उसे बता दिया था कि यह मेरी जिंदगी का बेस्ट किस था।


पिछले कुछ समय से मेरे और मेरे पति के बीच झगड़े कुछ ज्यादा ही बढ़ गए थे। उन्हें मेरी कोई चिंता नहीं थी और न ही मुझसे कोई प्यार- प्यार था, शायद इसलिए मेरे प्यासे दिल को यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। उसने मुझसे किसी होटल में चलकर रात गुजारने के बारे में भी पूछा, लेकिन मैं उसके साथ सेक्स नहीं करना चाहती थी। मैं जानती थी कि होटल में जाने पर मैं शायद खुद पर कंट्रोल न रख पाउं और फिर मेरे सिर में और तेजी से दर्द होने लगा था। तो मैंने वापस घर जाने के लिए कहा और उसने भी जिद नहीं की। मैं उससे दूर होने के लिए पीछे की सीट पर जाकर आंखें बंद करके बैठ गई, क्योंकि उस वक्त उसकी गंध बहुत इनवाइटिंग महसूस हो रही थी।


वो ड्राइव करके मुझे घर ले जाने लगा, लेकिन पार्किंग से बाहर निकलने से पहले ही उसने यू- टर्न ले लिया और वापस पार्किंग स्लॉट में गाड़ी लगा दी। अब वो पीछे की सीट पर मेरे पास बैठा था। उसने कहा कि मुझे वाकई बहुत प्यार और अफेक्शन की जरूरत है, जिसे वह उस रात को देना चाहता है। इस पर मैं उसकी गोद में लेट गई। उसने धीरे- धीरे मेरे बाल सहलाना शुरू किया। फिर मेरी गर्दन पर उंगलियां फिराने लगा। मेरे बहुत ज्यादा दुख रहे सिर को दबाया। मैं उसे यह सब करते मुस्कुराते हुए देखती रही, क्योंकि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर अचानक वो झुका और मझे फिर से किस किया। यह किस उस पिछले किस से भी ज्यादा पैशनेट और अच्छा था। मेरा दिल दिमाग कहीं खो गया था। वो मेरे बूब्स से खेलने लगा। मुझे जींस में उठता हुआ उसका बड़ा सा पेनिस दिख रहा था। हम इसी तरह काफी देर तक प्ले करते रहे।उसने मेरी फिंगरिंग की, मुझे लिक किया और मुझे इतना स्पेशल फील करवाया कि मुझे एक नहीं बल्कि दो बार ऑर्गेज्म हुआ।


मुझे काफी गिल्ट फील हो रहा था। इसलिए नहीं कि मैं अपने पति को चीट कर रही थी, बल्कि इसलिए, क्योंकि वह मुझे मेरी जिंदगी की खुशियां दे रहा था लेकिन अपने लिए कुछ भी नहीं चाहता था। यहां तक कि न उसने अपना पेनिस बाहर निकाला और न ही टच किया था। मैंने उसे हैंड जॉब करने के लिए ऑफर भी  किया, लेकिन उसने मना कर दिया। लेकिन इसके अगले कुछ मिनटों में हमने पूरे पैशन के साथ लवमेकिंग की, खूबसूरती के साथ सेक्स किया। उसकी कार की पिछली सीट पर, उस प्राइवेट पार्किंग लॉट में ही। बिना किसी प्रोटेक्शन, बिना कंडोम। ऑर्गेज्म के वक्त उसने पुल आउट कर लिया था।


यही मेरी जिंदगी का डार्क सीक्रेट है, जिसे मैं डार्क नहीं मानती। मैंने अपनी जिंदगी के कुछ पल अपनी खुशी के लिए चुराए थे। यही मेरी जिंदगी का बेस्ट किस था, बेस्ट ऑर्गेज्म था और बेस्ट लवमेकिंग थी। मैंने पहली और आखिरी बार खुद को स्पेशल फील किया था। बाकी किसी बात की मैंने उस लम्हे में कोई फिक्र नहीं की थी।


फिर फाइनली, हमने मिलकर तय किया कि इस सबको हमें यहीं बंद कर देना चाहिए और हम फिर से दोस्त बन गए।


इन्हें भी देखें -


1. #कनफैशन: एक महिला के ‘डर्टी सीक्रेट’ की कहानी, खुद उसी की जुबानी


2. #डार्क सीक्रेट:  जब मुझे पता लगा कि मेरी रूममेट एक कॉलगर्ल है...


3. क्या आप भी कंडोम पसंद नहीं करते...क्योंकि वो फील नहीं आता


4.  डर्टी सीक्रेट या शर्म की बात नहीं, बल्कि एक हिंसक अपराध है बलात्कार

प्रकाशित - जून 15, 2018
Like button
3 लाइक्स
Save Button सेव करें
Share Button
शेयर
और भी पढ़ें
Trending Products

आपकी फीड