जानें, पीरियड ब्लड कलर से आंतरिक सेहत का हाल - Period Blood Color

Period Blood Color in Hindi

कई सारी महिलाओं में पीरियड की शुरुआत 12 से 13 साल की उम्र के बीच हो जाती है। हर महिला को 21 से 35 दिनों के बीच एक बार पीरियड्स होते हैं। पीरियड किसी भी महिला के शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और इस वजह से नियमित रूप से पीरियड होना उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। कुछ रिपोर्ट्स की माने तो पीरियड्स बताते हैं कि अंदरूनी रूप से आप कितना अधिक स्वस्थ हैं या फिर आपको आंतरिक रूप से कोई बीमारी तो नहीं है।


इस वजह से हर महिला के पीरियड्स के दौरान खून का रंग अलग होता है। हालांकि, कई महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं होती है कि उनके पीरियड्स के खून का रंग कैसा है लेकिन सच कहें तो यदि आप अपने स्वास्थ्य के बारे में सतर्क हैं तो आपको अपने पीरियड्स के दौरान खून के रंग के बारे में जरूर पता होना चाहिए। 


आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि यदि आप ध्यान दिया होगा तो देखा होगा कि कई दफा पीरियड की शुरुआत में खून का रंग अलग होता है और खत्म होते-होते खून का रंग बदल जाता है। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह से सामान्य है। अधिकतर महिलाओं के साथ ऐसा होता है। 


पीरियड ब्लड कलर चार्ट - Period Blood Color Chart


 


 

ब्राउन पीरियड ब्लड


डार्क रेड पीरियड ब्लड


ब्राइट रेड पीरियड ब्लड


पिंक पीरियड ब्लड


ऑरेंज पीरियड ब्लड


ग्रे या फिर ब्लैक पीरियड ब्लड


इंप्लांटेशन स्पॉटिंग







 

इंफेक्शन


 



 



लो एस्ट्रोजन


   


  

मिड साइकिल स्पॉटिंग


   



 

मिसकैरेज








सामान्य पीरियड







 

पुराना खून




    

पोलिप्स या फिब्रोइड


  


   

प्रेगनेंसी स्पॉटिंग


 


 


  

स्लो फ्लो




    

ब्राइट रेड पीरियड ब्लड - Bright Red Period Blood


period-blood-colours norml


पीरियड के दौरान ब्राइट रेड या फिर साधारण लाल रंग का खून होने का मतलब है कि महिला पूरी तरह से स्वस्थ है। उसका यूट्रस भी तंदुरुस्त है और महिला गर्भावस्था भी आसानी से धारण कर सकती है। दरअसल, ये खून नया होता है, जो शरीर से तुरंत निकलता है। इस वजह से ऐसा खून हल्के लाल रंग का होता है, जो हैवी ब्लीडिंग के साथ निकलता है।


ब्राउन पीरियड ब्लड - Brown Period Blood


period-blood-colours brown


गहरा भूरा या फिर ब्राउन पीरियड ब्लड होने का मतलब है कि खून पुराना है। दरअसल, कई बार खून लंबे समय तक गर्भाशय में जमा हो जाता है और उसके बाद पीरियड के जरिए बहता है। इस वजह से अधिकतर मामलों में पीरियड शुरू होने के तुरंत बाद इस तरह का खून देखने को मिलता है। यदि आपका पीरियड ब्लड भूरे रंग का है तो हो सकता है कि इसके साथ आपके पेट में भी अधिक दर्द हो और साथ ही ब्लड क्लॉटिंग भी हो सकती है। ये रंग कई बार इंफेक्शन की ओर भी इशारा करता है। ऐसे में यदि आपके खून में बदबू आ रही है तो आपको डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। 


ऑरेंज पीरियड ब्लड - Orange Period Blood


period-blood-colours orange


जब खून, यूट्रस के ऊपरी हिस्से के तरल के साथ मिलकर फ्लो होता है तो इसका रंग नारंगी होता है। पर इसे हल्के में लेना सही नहीं होगा। बदबूदार बहाव हो तो यह संकेत है कि किसी तरह का इंफेक्शन हो गया है, इसकी जांच जरूर करवाएं। दरअसल पीरियड में इस रंग का खून तभी आता है, जब किसी दूसरे स्राव के साथ खून का मिश्रण हो, तो इसकी ज्यादा चिंता ना करें। हालांकि, कई मामलों में ऐसा होना सामान्य भी है। 


प्राइवेट पार्ट की सफाई का ख्याल कैसे रखें


डार्क रेड पीरियड ब्लड - Dark Red Period Blood


period-blood-colours red


पीरियड के दौरान ब्राइट रेड या फिर साधारण लाल रंग का खून होने का मतलब है कि महिला पूरी तरह से स्वस्थ है। उसका यूट्रस भी तंदुरुस्त है और महिला गर्भावस्था भी आसानी से धारण कर सकती है। दरअसल, ये खून नया होता है, जो शरीर से तुरंत निकलता है। इस वजह से ऐसा खून हल्के लाल रंग का होता है, जो हैवी ब्लीडिंग के साथ निकलता है।


पिंक पीरियड ब्लड - Pink Period Blood


period-blood-colours pink new


यदि पीरियड के दौरान आपके खून का रंग पिंक या फिर गुलाबी होता है इसका मतलब है कि आप सही खान-पान नहीं ले रही हैं। इसका मतलब होता है कि आपका एस्ट्रोजन लेवल कम है। ऐसे में आपको सही लाइफस्टाइल अपनाने की जरूरत है और आयरन से भरपूर चीजों का सेवन करने की आवश्यकता है।


ग्रे पीरियड ब्लड - Grey Period Blood


period-blood-colours black


पीरियड में ग्रे या काले रंग का खून आना एक सीरियस प्रॉब्लम है। इस दौरान महिला को बहुत दर्द होता है। अगर किसी महिला को काले रंग का पीरियड आता है तो उसके लिए गर्भवती होना बहुत मुश्किल होता है और क्लॉटिंग की समस्या गर्भावस्था में भी परेशान कर देती है। काले रंग का पीरियड फाइब्रॉयड और एन्‍डोमीट्रीओसिस जैसी बीमारियों का संकेत देता है। एन्‍डोमीट्रीओसिस कामकाजी महिलाओं से जुड़ी एक समस्या है, जब यूटेरस के अंदर रहने वाली एंडोमीट्रियल कोशिकाएं उसके बाहर पनपने लगती हैं। ऐसे में महिला को तेज दर्द भी होने लगता है। इसका सबसे प्रमुख लक्षण है पीरियड्स के समय और सेक्स संबंध बनाते समय तेज दर्द होना।


इन्हें भी देखें -