सच में है 'कोई मिल गया' का जादू, मिले हैं एलियंस होने के सबूत

सच में है 'कोई मिल गया' का जादू, मिले हैं एलियंस होने के सबूत

आपको फिल्म 'कोई मिल गया' का जादू याद है? दूसरी दुनिया से आया अजीब-सा दिखने वाला वो जीव। क्या ऐसे जीव वास्तव में होते हैं? क्या दूसरी दुनिया में भी जीवन है? इन सवालों का जवाब शायद ही हम में से कोई जानता होगा। एलियंस हमेशा एक पहेली ही बने रहे, लेकिन नासा के वैज्ञानिकों ने अब जो दावा किया है, वह काफी अहम है। साइंस के लिए दूसरी दुनिया में जीवन की तलाश करना बेहद चुनौतीपूर्ण कामों में से एक है। एक तरफ जहां साइंस एलियन की मौजूदगी के सच को स्वीकार नहीं करती वहीं दूसरी तरफ इसे वो पूरी तरह से अस्वीकार भी नहीं करती। दूसरे ग्रहों पर जीवन तलाश रहे वैज्ञानिकों यानि कि खोजकर्ताओं ने हाल ही में शुक्र ग्रह के बादलों में जीवन होने की संभावना जताई है। अध्ययन के दौरान ये पता चला है कि सौरमंडल के सबसे चमकते ग्रह पर दो अरब साल पहले पानी था, और जहां पानी वहां जीवन जरूर होता है। यानि कि मंगल ग्रह से भी कई साल पहले शुक्र का वातावरण जीवन योग्य रहा होगा, जिसकी वजह से वहां सूक्ष्म जीवों की पूरी प्रजाति विकसित हो चुकी होगी। इसका मतलब है कि एलियन वाकई अस्तित्व में हैं। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोसिन- मेडिसन के संजय लिमये का कहना है, “मंगल के मुकाबले यह बहुत लंबा समय है।” 


खोजकर्ताओं का कहना है कि, ये सूक्ष्म जीव शैवाल की तरह के भी हो सकते हैं। इनके बारे में अधिक जानने के लिए बादलों के नमूनों की जरूरत होगी। शुक्र से जुड़ी इस रोचक जानकारी मिलने से अंतरिक्ष में जीवन की संभावना का रहस्य अब धीरे-धीरे सुलझता नजर आ रहा है।'


क्या कहती है स्टीफन हॉकिंग्स की थ्योरी


मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स की थ्योरी के अनुसार, ‘‘अगर कहीं पर एलियंस रहते हैं तो वह इंसान के मुकाबले कई गुना ज्यादा विकसित होंगे और उनको हमें रेडियो वेब सिग्नल नहीं भेजने चाहिए क्योंकि इससे उनको इंसानी जीवन के अस्तित्व का आभास हो सकता है जो पृथ्वी के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है।’’


क्या वास्तव में होते हैं एलियंस


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अक्सर जब हम एलियंस या यूएफओ देखने की कोई घटना के बारे में सुनते हैं तो हमारे दिमाग में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या एलियंस हैं भी या नहीं ? तो आपको बता दें कि वैज्ञानिक ये मानते हैं कि बाहरी अंतरिक्ष में भी जीवन की उत्पत्ति और विकास के लिए परिस्थितियां मौजूद हैं। हमारी आकाशगंगा में करीब 200 अरब तारे हैं, जिनमें हमारा सूर्य एक सामान्य तारा है। आकाशगंगा की चौड़ाई एक लाख प्रकाश वर्ष तथा मोटाई करीब 20 हजार प्रकाश वर्ष है। हमारा सूर्य भी आकाशगंगा के केंद्र भाग में नहीं है। यह केंद्र से करीब 30 हजार प्रकाश वर्ष दूर है और निरंतर आकाशगंगा में चक्कर लगाता रहता है। और ब्रह्मांड में ऐसी और कई अरबों आकाशगंगाएं हैं। तो जिन तत्वों से धरती की चीजों का निर्माण हुआ है और जो फिजिक्स यहां लागू होती है वो दूसरे पिंडों पर भी लागू हो सकती है और वहां भी जीव हो सकते हैं। जो हमारे लिए एलियंस हैं, उनके लिए शायद हम भी एलियंस ही हैं।


एलियंस से जुड़ी बड़ी घटनाएं -


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साल 1947 (रोजवेल घटना) - यूएफओ से जुड़ी आजतक की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक रोजवेल के रांच शहर की घटना है। जहां एक यूएफओ क्रैश हो गया था। जिसमें एक एलियन का शव भी था। इस घटना को अमेरिकी सरकार ने पूरी तरह से गुप्त रखा था। इस घटना का जिक्र उन दिनों के समाचार पत्रों में भी हुआ था।


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साल 1950 (मैकमिन्विले घटना) - कनाडा के एल्विन और पॉल ट्रेंट नाम के दो भाईयों ने आसमान में उड़ती सिल्वर कलर की तश्तरी देखी और अपने कैमरे में कैद कर ली। जिसकी जांच भी हुई और उसमें वो किसी भी तरह से झूठी नहीं पाई गई।


साल 1957 (मानभूम घटना) - बिहार के मानभूम स्थित मंगाल्दा गांव के 800 लोगों ने एक साथ रात के दौरान आसमान में अजीब तरह के गोल जहाजों को उड़ते हुए देखा जो जमीन से 500 फीट ऊपर उड़ रहे थे।


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साल 1976  (ईरान घटना) - ईरान की एयरफ़ोर्स को आसमान में अजीब से विमान उड़ने की खबर मिली। जब ईरान ने अपने एफ-4 विमानों से इनका पीछा किया तो करीब जाने पर सभी विमानों के सिग्नल बिगड़ने लगे।


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