आयुर्वेद के अनुसार जानिए क्या है पानी पीने का सही तरीका - How To Drink Water

आयुर्वेद के अनुसार जानिए क्या है पानी पीने का सही तरीका - How To Drink Water

अगर आप ये सोच रहे हैं कि पानी पीने का भी कोई तरीका होता है क्या? तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं। दरअसल पानी हम सबके लिए एक ऐसी जरूरत है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पानी पीना हमेशा से हेल्थ के लिए बेस्ट माना जाता है। लेकिन ये भी सच है कि ज्यादा पानी आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार पानी पीने का ढंग आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है और फायदा भी। इसीलिए हर किसी को पता होना चाहिए कि पानी कब, कितना पिएं और कैसे पिएं। आइए जानते हैं कि क्या है पानी पीने का सही तरीका-


कितना पानी पीना चाहिए ? - Daily Water Intake


पानी कब पिएं? - Right Time To Drink Water


इस तरह से तो बिल्कुल न पिएं पानी  


पानी कैसे पीना चाहिए ? - How To Drink Water?


आजकल पानी बोतल को ऊपर से पीने का चलन बढ़ता जा रहा है जोकि एकदम गलत है। पानी को हमेशा गिलास या किसी बर्तन से मुंह लगाकर धीरे-धीरे, घूंट-घूंट करके ही पीना चाहिए। जैसे कि आप गर्म चाय पीते हैं ठीक वैसे ही। इससे वह शरीर के तापमान के अनुसार पेट में पहुंचता है। अगर आप किसी को गट-गट करके पानी पीते हुए देखें तो उसे तुरंत टोक दें। क्योंकि इस तरह पानी पीने से शरीर को बहुत नुकसान होता है। इससे पेट में कई तरह की बीमारियां पैदा हो सकती हैं। बिना रुके पानी पीने से एसिडिटी, गैस, डकारें आने जैसी समस्या होने लगती है।


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जरूरत से ज्यादा भी न पिएं पानी - Don't Drink Too Much Water


एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर इंसान जरूरत से ज्यादा पानी पीता है तो उसकी किडनी पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। जरूरत से ज्यादा पानी पीने से किडनी को अपनी क्षमता से ज्यादा काम करना पड़ता है जिससे सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसीलिए जितनी आवश्यकता हो उतना ही पानी पीना चाहिए।


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कितना पानी पीना चाहिए ? - Daily Water Intake


आयुर्वेद के अनुसार अपने शरीर के वजन के 10 वे भाग को 2 से घटाने पर जो संख्या आती है उतने लीटर पानी पीना सही माना जाता है। जैसे कि मान लीजिए आपका वजन 70 किलो है तो उसका 10 वां भाग 7 होगा। अब उसमें से 2 घटाने पर 5 की संख्या आएगी इसका मलतब है कि आपको रोजाना 5 लीटर पानी पीना चाहिए।


पानी कब पिएं? - Right Time To Drink Water


  • सुबह उठकर खाली पेट कम से कम 3 गिलास गुनगुना पानी पिएं इससे रात भर शरीर में जमा हुई अशुद्धियां पेशाब के जरिए निकल जाएंगी।

  • खाना खाने से कम से कम 30 मिनट पहले पानी पीना सही रहता है। ऐसा करने से वजन भी नहीं बढ़ता है।

  • जब आप घर से बाहर निकल रहे हों तो तीन से चार घूंट पानी पी कर जरूर निकलें।

  • रात को सोने से पहले तीन घूंट पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

  • दिन में ज्यादा पानी पिएं और शाम होते-होते इसकी मात्रा कम कर दें इससे आप रात में आराम से नींद पूरी कर पाएंगे।

  • भोजन करने के एक घंटे बाद पानी पीने से पाचन सही होता है।

  • किसी भी तरह की एक्सरसाइज करें तो उससे पहले पानी पी लें, इससे आपकी मांसपेशियों को एनर्जी मिलेगी।


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पानी कब ना पिएं?


  • आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर के सामान है। बहुत जरूरी हो तो एक घूंट पानी ले सकते हैं लेकिन इससे ज्यादा तो भूलकर भी न पिएं।

  • धूप से आने के तुरंत बाद पानी न पिएं।

  • एक्सरसाइज, योगा, वॉक करने के तुरंत बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए।

  • कभी गर्म दूध, चाय, पकवान के ठीक बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए।

  • कुछ फल ऐसे होते हैं जिनके तुंरत बाद पानी पीने से शरीर को नुकसान पहुंचता है जैसे कि खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, इसलिए इन चीजों को खाने के बाद तुरंत पानी न पिएं।

  • पेशाब या मल त्याग करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। इससे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है।

  • इन सब चीजों के अलावा चिकने और तली-भुनी चीजों और मूंगफली खाने के बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए।


इस तरह से तो बिल्कुल न पिएं पानी 


  • कोशिश करें कि प्लास्टिक से बने गिलास या बोतल से पानी न पिएं।

  • पानी को बिना इच्छा के जबरदस्ती नहीं पीना चाहिए।

  • पानी कभी भी खड़े होकर मत पिएं। हमेशा बैठकर ही पानी पीना चाहिए।

  • ठंडा पानी पीने से हमेशा बचना चाहिए। हो सके तो गर्मियों में ठंडे की जगह नॉर्मल पानी पिएं। दरअसल ठंडा पानी पीने से कुछ अंगों में खून सही तरह से नहीं पहुंचता है जिससे कमजोरी आती है साथ ही बड़ी आंत भी सिकुड़ने लगती है।


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