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वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न : जानें महिला सुरक्षा से जुड़ी ये बातें

वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न : जानें महिला सुरक्षा से जुड़ी ये बातें

कामकाजी महिलाओं का वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न का शिकार होना आम बात हो चुकी है। ऐसी कई गैर सरकारी संस्थाएं हैं, जो महिला सुरक्षा व अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करती हैं पर ज़्यादातर महिलाएं वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न होने की बात को छिपा जाती हैं। आईविल एंड एप्सीक्लीनिक की फाउंडर एंड सीईओ शिप्रा डावर के मुताबिक, सबको एकजुट होकर वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज उठानी होगी। वे इससे बचने के कुछ टिप्स भी बता रही हैं।


unity among co workers


कैसे समझें यौन उत्पीड़न


कई बार महिलाओं को यह समझ ही नहीं आता है कि वे वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। ज़रूरी नहीं है कि वर्कप्लेस पर सिर्फ सेक्सुअल हरैसमेंट ही किया जा रहा हो, वह मेंटल या इमोशनल टॉर्चर भी हो सकता है। इन तरीकों से समझें कि आपके साथ वर्कप्लेस पर कुछ गलत हो रहा है -


  1. बॉस या मेल कलीग का आपको बिना बात और इजाज़त के छूना।

  2. आपके सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना।

  3. आपके घर-परिवार या जेंडर के बारे में कुछ गलत कहना।

  4. बिना किसी ज़रूरी काम के आपको देर रात तक रुकने के लिए बोलना।

  5. बिना किसी काम के या आपका कोई काम करने के बदले आपको अपने घर या बाहर कहीं मिलने के लिए बुलाना।

  6. आपका पीछा करना या किसी सेक्सुअल फेवर के लिए मना करने पर आपको धमकाना।


शिकायत करने से घबराती हैं महिलाएं


आमतौर पर सभी पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर के ऑफिस में महिलाओं के लिए विशेष नीतियों का गठन किया जाता है, जिनसे वे इस तरह की किसी भी घटना का शिकार होने से बच जाएं। मगर फिर भी वे कभी प्रत्यक्ष तो कभी अप्रत्यक्ष तौर पर यौन उत्पीड़न का शिकार हो जाती हैं। इंडियन नेशनल बार असोसिएशन की एक स्टडी के मुताबिक, बहुत सी महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाते हुए माना है कि वे जीवन के किसी न किसी दौर में वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं पर उन्होंने इसकी शिकायत नहीं की। इसकी एक वजह यह भी है कि बहुत से एंप्लॉयर्स इन शिकायतों पर गंभीरता से कोई ऐक्शन न लेते हुए केस को दबा देते हैं।


बचाव है अहम


अगर आप वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं तो इमोशनली, मेंटली और फिजिकली टॉर्चर होने के बजाय खुलकर उसका विरोध करें। इन तरीकों से आप इस उत्पीड़न का शिकार होने से बच भी सकती हैं।


  1. अपनी पर्सनल और वर्क लाइफ के बीच बैलेंस बनाकर चलें। अगर बिना किसी काम के आपका बॉस या कलीग देर रात आपको कॉल या मैसेज कर रहा है तो उसे मना करें।say no

  2. अगर आप अपने बॉस या कलीग के साथ बहुत नजदीकी नहीं बढ़ाना चाहती हैं तो उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐड न करें।

  3. अगर आप वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं तो उस व्यक्ति के उल्टे-सीधे मैसेज, कॉल्स व मेल्स को अपने पास संभाल कर रखें। मैनेजमेंट या एचआर से उसकी शिकायत करते वक्त ये सबूत आपके काम आएंगे।sexual-harassment-complaint-lawyer

  4. अगर आपकी शिकायत पर कोई सुनवाई न हुई हो तो मेल पर उसका फॉलो अप लें। आप चाहें तो एनजीओ या महिला सुरक्षा से जुड़ी दूसरी संस्थाओं की मदद भी ले सकती हैं।

  5. स्ट्रेस कम करने के लिए चाय, कॉफी या एल्कोहॉल का सहारा लेने के बजाय अपने किसी विश्वसनीय कलीग, दोस्त या परिजन से इसके बारे में चर्चा करें। आप चाहें तो अपनी काउंसलिंग भी करवा सकती हैं।


no stress


अगर आप न्याय चाहती हैं और देश में महिला सुरक्षा को लेकर उठाई जा रही पहल का हिस्सा बनना चाहती हैं तो बिना डरे अपने व दूसरी महिलाओं के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें।

प्रकाशित - जनवरी 27, 2018
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