फेसबुक से शुरू हुई पहले प्यार की एक खूबसूरत लव स्टोरी| POPxo Hindi | POPxo
Home
मेरा पहला प्यार - फेसबुक से शुरू हुई यह लव स्टोरी

मेरा पहला प्यार - फेसबुक से शुरू हुई यह लव स्टोरी

प्यार किसी की ताकत तो किसी की कमज़ोरी होता है। यह कभी दर्द तो कभी दर्द की दवा होता है। आपको ज़िंदगी में चाहे कितनी भी बार प्यार हो जाए पर पहले प्यार की कशिश अलग ही होती है। आप कितना भी आगे क्यों न बढ़ जाएं, अपने पहले प्यार और लाइफ की फर्स्ट डेट को भूलना बिल्कुल आसान नहीं होता है। यह प्यार कच्ची उम्र का हो या परिपक्व नज़रिये का, दिल पर छाप ज़रूर छोड़ जाता है। आज ‘पहले प्यार की याद’ सीरीज़ में पढ़िए पूजा की कहानी, जिनका प्यार ऑनलाइन वर्ल्ड से परवान चढ़ता हुआ ऑफलाइन दुनिया में अपनी जगह बना पाने में कामयाब हो सका है।



''यूं तो मैं अपनी बातों को शब्दों में पिरोने में काफी कमजोर हूं लेकिन बात जब पहले प्यार की हो तो लिटरेचर नहीं फीलिंग्स ही काफी होती हैं। मुझे तारीखें याद नहीं रहतीं लेकिन 4 जनवरी मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ास दिन है, जिसे शायद मैं अपनी पूरी ज़िंदगी नहीं भूल सकती और न ही भूलना चाहती हूं। जी हां, यह वही दिन है, जब मैं उससे पहली बार मिली थी और मिली भी कहां थी, फेसबुक पर। यह सोच कर आज भी अपने ऊपर बहुत हंसी आती है। हर किसी पर नए साल की खुमारी छाई हुई थी और जब सब नए साल की तैयारी और रिज़ॉल्यूशंस के बारे में सोच रहे थे, तब तकदीर ने मेरे लिए कुछ और ही सोच रखा था, जिससे मेरी ज़िंदगी बदल गई।


मेरे पहले प्यार की शुरूआत फेसबुक फ्रेंडशिप के तौर पर हुई और दिन-ब- दिन बातों का सिलसिला बढ़ता चला गया। हम चैटिंग छोड़ कर फ़ोन पर बात करने लगे। मैं उससे जितनी भी बातें कर लेती थी, कुछ कमी रह जाती थी। शायद इसे ही प्यार ही शुरूआत कहते हैं। बातों का सिलसिला यूं ही चल रहा था लेकिन लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप की भी अपनी परेशानियां होती हैं। हम चाह कर भी एक-दूसरे से मिल नहीं पा रहे थे। मुझे पता ही नहीं चला कि यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई। एक दिन मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसको प्रपोज़ कर दिया। मैं हमेशा सोचती थी कि मुझ जैसी लड़की को कभी प्यार नहीं हो सकता लेकिन जब हुआ तो ऐसा हुआ कि उसे लफ्ज़ों में बयान करना मुश्किल हो गया।


आखिरकार वह खास दिन आ ही गया, जिसका मुझे न जाने कब से इंतज़ार था। जी हां, वह ख़ास दिन उसका बर्थडे था, जब मुझे मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सरप्राइज़ मिला। वह मुझसे मिलने के लिए अचानक ही दिल्ली से मुंबई आ गया था। उस ख़ास पल को मैं कभी नहीं भूल सकती हूं। उस दिन हम भले ही पहली बार मिल रहे थे पर लग तो ऐसा रहा था कि जैसे बरसों से एक-दूसरे से मिलते आ रहे हों। इससे मुझे समझ में आया कि कुछ चीज़ों को सही समय पर बता देना ही अच्छा होता है, दिल को सच में बहुत सुकून मिलता है।


मैं बहुत खुश थी पर शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ गलतफहमियों के कारण हमारी लड़ाई हो गई थी। मुझे आज भी वह दिन अच्छे से याद है, जब मैंने गुस्से में उसे मैसेज कर दिया था कि वह मुझसे कभी बात न करे। शायद मेरे उस मैसेज से वह बहुत हर्ट हुआ था। इसीलिए मुझे मनाने के लिए अचानक मेरे घर आ गया था। मुझे याद है कि जब उसने मुझे गले लगाया था तो उसकी आंखों में आंसू थे। मैं उसकी बांहों में ही रहना चाहती थी लेकिन उसका वापस जाना भी ज़रूरी था। भरी आंखों से मैंने उसे विदा तो कर दिया था पर दिल में उसके फिर से वापस आने का इंतज़ार था। दरअसल मुझे उस लम्हे का इंतज़ार था, जब हम फिर मिलेंगे और हमेशा के लिए एक हो जाएंगे। हालांकि अपने उस मैसेज का अफसोस मुझे आज भी होता है। पल भर के गुस्से में मैंने बहुत गलत रिएक्शन दे दिया था।


दोस्तों, प्यार में अक्सर लड़ाइयां और मनमुटाव होते रहते हैं लेकिन अगर एक-दूसरे पर भरोसा और साथ देने की चाहत हो तो अंत में सब ठीक ही हो जाता है। तो यह थी मेरे पहले प्यार की कहानी और अब मैं आपकी फर्स्ट लव स्टोरी पढ़ने के लिए भी बेताब हूं!''


पूजा


प्रकाशित - जनवरी 14, 2018
Like button
1 लाइक
Save Button सेव करें
Share Button
शेयर
और भी पढ़ें
Trending Products
Loading...

आपकी फीड