#MyStory: और तभी मम्मी-पापा वहां आ गए....

#MyStory: और तभी मम्मी-पापा वहां आ गए....

मुझे बचपन से uniform वाले लड़के बेहद पसंद थे। बचपन में दूरदर्शन पर sea hawk सीरियल आता था जिसमें माधवन इंडियन कोस्ट गार्ड के role में था..यूनिफार्म में वो सुपर सेक्सी लगता था और मैं तभी से यूनिफार्म वाले लड़कों पर मर मिटी थी। मेरी सभी दोस्त ये बात जानती थी। लेकिन अफसोस कि मैं कभी भी यूनिफार्म वाले लड़के को डेट नहीं कर पाई। मेरी जितनी भी रिलेशनशिप हुई सब non-uniform वाले लड़कों से ही हुई। हमेशा girls school में पढ़ने वाली, एक आर्ट कालेज में जाने वाली और अब एक एड एजेंसी में काम करने वाली मुझ जैसी लड़की को वो dashing मिलिट्री यूनिफार्म का आदमी मिलता भी कहां! इसलिए मैंने उसे डेट किया जो मुझे मिला...आदी एक फोटोग्राफर था और हम दोनों एक दूसरे से बहुत  प्यार करते थे। एक रात, नशे की हालत में मैंने आदी को अपनी uniform fantasy के बारे में बताया। वो पागलों की तरह हंसा था...उसने हंसते हुए ही कहा था कि वो पूरी कोशिश करेगा कि मुझे जिंदगी में एक बार ये experience जरुर हो। मुझे नहीं पता उसके कहने का मतलब क्या था। अपने 30th birthday पर मैंने फैसला किया कि मैं सेलिब्रेट नहीं करुंगी। मेरा मूड ठीक नहीं था और अपने बर्थडे को लेकर मैं बिल्कुल भी excited नहीं थी। वो शनिवार का दिन था और मैंने खुद को अपने घर में ही कैद करने का फैसला किया। आदी उस दिन अपने ऑफिस के काम से शहर से बाहर गया हुआ था और मैं इस बात को लेकर और ज्यादा depressed थी। पिछले कुछ महीनों से आदी अक्सर future में साथ रहने की बात कर रहा था लेकिन उन बातों का क्या फायदा जब वो मेरे बर्थडे पर भी मेरे साथ नहीं रह सकता था? मेरे सारे दोस्तों ने मुझे एक-एक करके फोन किया। सब ने मुझसे बाहर जाकर पार्टी करने के लिए कहा लेकिन मैंने मना कर दिया। मेरा बाहर जाने का बिल्कुल मन नहीं था। मैं सारा दिन टीवी देखती रही और जंक फूड खाती रही। शाम पांच बजे मैंने किसी तरह खुद को बेड से बाहर खींचा और नहाने के लिए बाथरुम की तरफ जाने लगी। तभी दरवाजे की घंटी बजी...मुझे गुस्सा आया कि इस वक्त कौन आ गया। मैंने दरवाजे के की-होल से देखा...बाहर आदी खड़ा था। उसे देखते ही मेरा सारा खराब मूड जाता रहा..मैं अचानक एकदम खुश हो गई। ज़ाहिर है कौन लड़की अपने birthday पर boyfriend के इस surprise से उछल नहीं जाएगी! वो अंदर आया। “रुको, तुमने ये trench coat क्यों पहन रखा है?” मैंने उसे देखकर पूछा। वो नवंबर का महीना था। “तुम ठीक तो हो न? तुम्हें बुखार तो नहीं है?” उसने कुछ नहीं कहा। जवाब में उसने मुझे बहुत ही intense kiss की! मुझे उस एक किस ने turn on कर दिया और अब मैं उससे अलग नहीं होना चाहती थी लेकिन मेरे पास आते ही उसने मुझे कुछ दूर किया और कहा, “मेरे पास तुम्हारे लिए एक surprise है…” ये कहते हुए उसकी मुस्कान इतनी naughty थी कि मेरा मन किया उसे फौरन बेडरुम में ले जाऊं। वैसे मुझे इसके लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। उसने अपना कोट उतारा..उसे देखते ही मैं हैरान रह गई। उसने मुस्कुराते हुए कहा, “happy birthday”! उसने नेवी की यूनिफार्म पहनी हुई थी!! सफेद शर्ट, सफेद पैंट, काले शूज़। साथ में नेवी के बैजेस उसकी शर्ट पर लगे हुए थे। मैं उसे एकटक देख रही थी...वो सोफे पर बैठा और उसने नेवी की कैप भी लगा ली। अब उसकी यूनिफार्म complete थी। मुझे मुस्कुराते हुए शरारत से देखते हुए उसने मुझे salute मार दिया!! Hahahaha.. मेरी हंसी निकल गई। उस पल मैंने अपना पूरा कंट्रोल खो दिया और उस पर लगभग अटैक ही कर दिया! मैंने उसे सोफे पर वापस गिरा दिया और उसे लगातार kiss करने लगी...साथ में मैं उसकी शर्ट के बटन खोल रही थी...। “Stop, stop!” आदी हंसने लगा, “मुझे लगा तुम मुझे परेड करवाना चाहोगी।” “नहीं.. I don’t care,” मैंने कहा और फिर से उसे किस करने लगी। पिछले कुछ सेकेंड में मैने महसूस किया कि यूनिफार्म के लिए मेरा attraction, आदी के लिए मेरे प्यार के आगे कुछ भी नहीं था। we-tried-role-play वो भी मेरी ड्रेस की बेल्ट खोलकर मेरे साथ interesting चीजें करने लगा था कि तभी...दरवाजे की घंटी फिर बजी। “क्या? कौन है?” मेरे मुंह से निकला। इस वक्त मैं आदी के साथ प्यार में डूबी हुई थी और इस समय किसी का आना....इस वक्त मैं उसे बताना चाहती थी कि मैं उससे शादी करना चाहती हूं लेकिन ये शायद उसे बताने का सही समय नहीं था। लेकिन दरवाजे की घंटी बंद नहीं हुई। जो भी दरवाजे पर था, उसे बिल्कुल सब्र नहीं था और लगातार घंटी बजाए जा रहा था...मुझे गुस्सा आ गया। “Okay, okay,” मैंने आदी को कहा...“तुम बेडरुम में जाओ। जो भी है मैं उसे जल्दी से टरका कर बेडरुम में आती हूं।” मैंने उसका बैग उसे थमाया और अंदर भेजा। मुझे लगा कि शायद मेरे मकान मालिक आए होंगे और मैं नहीं चाहती थी कि वो आदी को यहां देखें और मुझे उल्टे सीधे सवाल करें। दरवाजे की घंटी फिर बजी। मैंने गुस्से में की-होल में चेक भी नहीं किया और सीधे दरवाजा खोल दिया। यही पर मैंने गलती कर दी! सामने मेरे मम्मी-पापा खड़े थे। “Surprise!!” मम्मी ने लगभग चीखते हुए कहा। पापा के चेहरे पर भी बड़ी सी मुस्कान थी। “Oh, क्या तुम बाथरुम में थी?” मम्मी ने पूछा। “मैं सोच ही रही थी कि तुम्हें दरवाजा खोलते हुए इतना टाइम क्यों लग रहा है।” मैंने उन्हें अंदर आने को कहा और सोचने लगी की अब आदी का क्या करुं! मेरे मम्मी पापा ये तो जानते थे कि मेरा एक boyfriend है लेकिन इससे ज्यादा कुछ भी नहीं। उनको नहीं पता था कि मैं इस रिलेशनशिप को लेकर इतनी सीरियस हूं। और मैं उन्हें यूनिफार्म वाली बात कैसे बताऊंगी!!?? मैंने सोचा मम्मी पापा को किचन या दूसरे कमरे में बिज़ी करके आदी को घर से बाहर कर दूंगी। लेकिन शायद ये मुश्किल था। बेडरुम में जाने से पहले आदी अपना सारा सामान नहीं ले पाया था। पापा की नजर नेवी की कैप पर पड़ गई। “ये नेवी की कैप यहां क्या कर रही है?” पापा ने पूछा। Crap. मेरे दिमाग में कुछ नहीं आ रहा था कि क्या कहूं...मैंने अपने बर्थडे पर खुद को गिफ्ट की है? “Oh!” मम्मी ने कुछ हैरानी से कहा, “क्या ये तुम्हारे boyfriend की है? वो यहां है?” Double crap. “अरे वाह!” पापा ने कहा। “मुझे नहीं पता था कि वो नेवी में है। कहां है वो?” “बाथरुम में,” मैंने धीरे से कहा। मेरा दिमाग एकदम ब्लैंक हो चुका था। “Sweetie, उसे बुलाओ ना!” मम्मी ने कहा। “हम पूरे साल से उससे मिलने का इंतजार कर रहे थे।!” मैं बेडरुम में गई। आदी बुरी तरह से घबराया हुआ वहां खड़ा था। उसने हमारी पूरी बात सुन ली थी। “यार, तुमने मुझे ये किस मुसीबत में डाल दिया?!” उसने कहा। “उनको लग रहा है कि मैं सच में नेवी में हूं?” “मुझसे मत पूछो!” मैंने धीरे से मगर गुस्से से कहा। “मैंने नहीं कहा था न तुम्हें रोल प्ले करने को!!” “लेकिन मैं उन्हें क्या बताऊंगा?” “मुझे नहीं पता, तुम खुद सोचो,” मैं लगभग चिल्लाई। “Sweetie, आओ ना?” मम्मी ने बाहर से आवाज़ लगाई। हम दोनों बाहर आए... “मम्मी, पापा, ये आदी है।,” मैंने कहा। “तुमसे मिलकर अच्छा लगा बेटा!” मम्मी ने कहा। मम्मी को तो ये कहना ही था...आदी देखने में बहुत ही handsome था...हर मां अपनी बेटी के लिए ऐसा ही खूबसूरत दामाद चाहती होगी। “तो तुम्हारी रैंक क्या है?” पापा ने पूछा। मैं प्रार्थना कर रही थी कि धरती फट जाए और मैं उसमें समा जाऊं....या शायद मैं और आदी दोनों उसमें समा जाएं। “Um, दरअसल अंकल, मैं नेवी में नहीं हूं।,” आदी ने कहा। और जैसा की होना था...मेरे मम्मी पापा ने हैरान होकर पहले हमें फिर एक दूसरे की तरफ देखा। उन्होंने आदी की पूरी यूनिफार्म पर नजर डाली और फिर मेरी तरफ सवालिया निगाहों से देखा। मैं सोच रही थी...क्या यही था मेरा 30वां बर्थडे?? क्या मुझे अपने इस स्पेशल दिन पर अपने मम्मी पापा को role-play का concept समझाना पड़ेगा? मैंने कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोला लेकिन फिर बंद कर दिया। लेकिन शुक्र है कि आदी को कुछ सूझा। “Actually, अंकल, आंटी, आपकी बेटी पिछले एक हफ्ते से काम मे इतनी ज्यादा बिज़ी थी...मैंने और उसके दोस्तों ने सोचा कि क्यों न उसके बर्थडे पर एक फैंसी ड्रेस पार्टी करते हैं! असल में तो मैं एक फोटोग्राफर हूं।” OMG. यूनिफार्म भले ही नकली हो लेकिन ये लड़का सच में मेरा हीरो था!! “Oh, okay…” मम्मी ने कहा। पापा भी cool हो गए। उसके बाद उन्होंने कहा, “बेटा, क्या हमें भी फैंसी ड्रेस पहननी होगी?” मैं यह सुनकर खुशी से रो ही पड़ी। इसके बाद आदी ने मेरे मम्मी पापा को पूरी तरह से entertain किया। उनके लिए चाय बनाई और उन्हें अपने काम के बारे में ढेर सारी कहानियां सुनाई। इस बीच मैंने अपने दोस्तों को मैसेज किया और उन्हें खाना लाने को कहा...साथ ही कहा कि वो कोई costume पहनकर आएं...इसकी वजह मैं बाद में बताऊंगी। कुछ देर बाद मेरे दोस्त भी आ गए। सबने अपनी दोस्ती निभाते हुए कॉस्ट्यूम पहनकर आए थे और उन्होंने मम्मी पापा के सामने मुझसे कोई सवाल नहीं किया। लेकिन बाद में जब उन्होंने पूरी कहानी सुनी तो कई महीनों तक मुझे और आदी को छेड़ते रहे। दो दिन बाद मम्मी पापा वापस चले गए। उनको आदी बहुंत पसंद आया था और उन्होंने हम दोनों को आशीर्वाद दिया। अब मैं आदी को propose करने का मन बना चुकी थी...वो भी एक costume में...बस एक सही costume ढूंढ रही हूं!! ;) Image: Shutterstock